मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
लङ्काकाण्ड 6.118
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हे प्रभु | O Lord | |
| जो भी | whatever | |
| आप कहते हैं | you say | |
| आपको ही | you indeed | |
| सब | all | |
| शोभा देता है | befits | |
| हमें | in us | |
| होता है | arises | |
| वचन | your words | |
| सुनकर | on hearing | |
| मोह या व्याकुलता | bewilderment or distress |
भावार्थ
प्रभु, आप जो भी कहते हैं, वह सब आपको शोभा देता है; लेकिन आपके वचन सुनकर हमें मोह और व्याकुलता होती है।
Lord, whatever you say befits you; yet hearing your words leaves us bewildered and distressed.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दीन और असहाय | humble and helpless | |
| जानकर | recognizing as | |
| वानरों को | the monkeys | |
| बनाया | made | |
| संरक्षक से युक्त | provided with a protector | |
| आप | you | |
| तीनों लोकों के | of the three worlds | |
| स्वामी | lord | |
| हे रघुनाथ श्रीराम | O Rama, lord of Raghu’s lineage |
भावार्थ
हमें दीन जानकर आपने वानरों को अपना संरक्षण दिया। हे रघुनाथ, आप तीनों लोकों के स्वामी हैं।
Recognizing us monkeys as helpless, you gave us a protector. O Rama, you are lord of the three worlds.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनकर | hearing | |
| हे प्रभु | O Lord | |
| आपके वचन | your words | |
| लज्जा से | of shame | |
| हम | we | |
| मरे जाते हैं | feel we could die | |
| मच्छर | mosquitoes | |
| भला कहीं | ever, possibly | |
| पक्षिराज गरुड़ का | Garuda, lord of birds | |
| हित | benefit | |
| कर सकते हैं | could do |
भावार्थ
प्रभु, आपके वचन सुनकर हम लज्जा से मरे जाते हैं। भला मच्छर कहीं पक्षियों के स्वामी गरुड़ का हित कर सकते हैं?
Lord, hearing your words, we feel we could die of shame. Could mosquitoes ever benefit Garuda, lord of birds?
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| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखकर | seeing | |
| श्रीराम का | Rama’s | |
| रुख या मनोभाव | disposition or attitude | |
| वानर | monkeys | |
| भालू | bears | |
| प्रेम में | in love | |
| मग्न | absorbed | |
| नहीं | no | |
| घर जाने | going home | |
| की | of | |
| इच्छा | desire |
भावार्थ
श्रीराम का रुख देखकर वानर और भालू प्रेम में मग्न हो गए; उन्हें घर जाने की इच्छा नहीं थी।
Seeing Rama’s disposition, the monkeys and bears were absorbed in love and had no desire to go home.
दोहा · पृ. 899
प्रभु प्रेरित कपि भालु सब राम रूप उर राखि।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम द्वारा | by Lord Rama |
| प्रेरित | प्रेरणा दिए गए | prompted |
| कपि | वानर | monkeys |
| भालु | भालू | bears |
| सब | सभी | all |
| राम | राम का | Rama’s |
| रूप | स्वरूप | form |
| उर | हृदय में | in their hearts |
| राखि | रखकर | having kept |
भावार्थ
एआई प्रारूप: प्रभु की प्रेरणा से सभी वानर और भालू राम का रूप हृदय में रखकर चले।
AI draft: Prompted by the Lord, all the monkeys and bears departed, keeping Rama’s form in their hearts.
हरष बिषाद सहित चले बिनय बिबिध बिधि भाषि॥ ११८ (क)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरष | हर्ष | joy |
| बिषाद | विषाद | sorrow |
| सहित | से युक्त | accompanied by |
| चले | वे चले | they departed |
| बिनय | विनम्र निवेदन | humble entreaties |
| बिबिध | अनेक | various |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| भाषि | कहकर | having spoken |
| क | पद-संदर्भ का चिह्न (क) | verse reference marker (a) |
भावार्थ
वे हर्ष और विषाद के साथ, अनेक प्रकार से विनय के वचन कहकर चले।
They departed with both joy and sorrow, speaking humble words in many ways.
कपिपति नील रीछपति अंगद नल हनुमान।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपिपति | वानरों के राजा सुग्रीव | Sugriva, king of the monkeys |
| नील | वानर वीर नील | Nila, a monkey warrior |
| रीछपति | रीछों के राजा जाम्बवान | Jambavan, king of the bears |
| अंगद | बालि के पुत्र अंगद | Angada, son of Vali |
| नल | वानर वीर नल | Nala, a monkey warrior |
| हनुमान | रामभक्त हनुमान | Hanuman, Rama’s devotee |
भावार्थ
वानरराज सुग्रीव, नील, रीछराज जाम्बवान, अंगद, नल और हनुमान—
Sugriva, king of the monkeys; Nila; Jambavan, king of the bears; Angada; Nala; and Hanuman—
सहित बिभीषन अपर जे जूथप कपि बलवान॥ ११८ (ख)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहित | के साथ | together with |
| बिभीषन | विभीषण, रावण के भाई | Vibhishana, Ravana’s brother |
| अपर | अन्य | other |
| जे | जो | who |
| जूथप | दलों के नायक | troop leaders |
| कपि | वानर | monkeys |
| बलवान | बलशाली | mighty |
| ख | पद-संदर्भ का चिह्न (ख) | verse reference marker (b) |
भावार्थ
विभीषण सहित और जो अन्य बलवान वानर-दल के नायक थे, वे सब भी—
Together with Vibhishana and the other mighty monkey troop leaders—all of them too—
कहि न सकहिं कछु प्रेम बस भरि भरि लोचन बारि।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कह | say |
| न | नहीं | not |
| सकहिं | वे सकते हैं | they can |
| कछु | कुछ भी | anything |
| प्रेम | प्रेम के | of love |
| बस | वश में | under the sway |
भरिटिप्पणी‘भरि भरि’ से बारंबार भरना व्यक्त है। / The repetition expresses repeated filling. | भरकर | filling |
| भरि | बार-बार भरकर | filling again and again |
| लोचन | आँखें | eyes |
| बारि | आँसुओं का जल | tears |
भावार्थ
प्रेम के वश वे कुछ कह नहीं सकते; उनकी आँखें बार-बार आँसुओं से भर आती हैं।
Overcome by love, they cannot say anything; their eyes repeatedly fill with tears.
सन्मुख चितवहिं राम तन नयन निमेष निवारि॥ ११८ (ग)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सन्मुख | सामने | before them |
| चितवहिं | वे निहारते हैं | they gaze at |
| राम | राम के | Rama’s |
| तन | शरीर को | figure |
| नयन | आँखों का | of the eyes |
| निमेष | पलक झपकना | blinking |
| निवारि | रोककर | having restrained |
| ग | पद-संदर्भ का चिह्न (ग) | verse reference marker (c) |
भावार्थ
वे सामने स्थित राम के शरीर को देखते हैं, आँखों का पलक झपकना रोककर।
They gaze at Rama’s figure before them, keeping their eyes from blinking.