मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
लङ्काकाण्ड 6.116
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | every | |
| प्रकार से | in way | |
| हे स्वामी | O Lord | |
| मुझे | me | |
| अपना स्वीकार कीजिए | please accept as your own | |
| फिर | then | |
| मुझ | me | |
| साथ लेकर | together with | |
| अयोध्या नगर | the city of Ayodhya | |
| जाइए | please go |
भावार्थ
हे नाथ, मुझे हर प्रकार से अपना स्वीकार कीजिए; फिर मुझे साथ लेकर अयोध्या जाइए।
Lord, accept me as your own in every way; then go to Ayodhya with me accompanying you.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनते ही | on hearing | |
| वचन | words | |
| कोमल | gentle | |
| दीनों पर दया करने वाले राम | Rama, compassionate toward the lowly | |
| आँसुओं से भरे | filled with tears | |
| हो गए | became | |
| दोनों | both | |
| नेत्र | eyes | |
| विशाल | large |
भावार्थ
ये कोमल वचन सुनते ही दीनों पर दया करने वाले राम के दोनों विशाल नेत्र आँसुओं से भर गए।
On hearing these gentle words, Rama, compassionate toward the lowly, found both his large eyes filled with tears.
दोहा · पृ. 896
तोर कोस गृह मोर सब सत्य बचन सुनु भ्रात।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तोर | तुम्हारा | your |
कोसटिप्पणीयहाँ ‘कोस’ का अर्थ कोष है, दूरी नहीं। / Here it means treasury, not a measure of distance. | खजाना | treasury |
| गृह | घर | home |
| मोर | मेरा | mine |
| सब | सब कुछ | all |
| सत्य | सच्चा | true |
| बचन | वचन | statement |
| सुनु | सुनो | listen |
| भ्रात | हे भाई | O brother |
भावार्थ
एआई प्रारूप अर्थ: हे भाई, तुम्हारा कोष और घर सब मेरा ही है; मेरा यह सच्चा वचन सुनो।
AI draft meaning: Brother, your treasury and home are all mine; hear these true words of mine.
भरत दसा सुमिरत मोहि निमिष कल्प सम जात॥ ११६ (क)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | राम के भाई भरत | Bharata, Rama’s brother |
| दसा | दशा | condition |
| सुमिरत | याद करते हुए | while remembering |
| मोहि | मुझे | to me |
| निमिष | एक क्षण | a moment |
| कल्प | अत्यंत दीर्घ ब्रह्मांडीय काल | a cosmic aeon |
| सम | के समान | like |
| जात | बीतता है | passes |
| क | पद्य-संदर्भ चिह्न (क) | verse reference marker (a) |
भावार्थ
भरत की दशा याद करते हुए मुझे एक क्षण कल्प के समान बीतता लगता है।
As I remember Bharata’s condition, a moment seems to pass like an aeon to me.
तापस बेष गात कृस जपत निरंतर मोहि।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तापस | तपस्वी का | an ascetic’s |
| बेष | वेश | garb |
| गात | शरीर | body |
| कृस | दुबला | thin |
| जपत | जपते हैं | chants |
| निरंतर | लगातार | constantly |
मोहिटिप्पणीजप के संदर्भ में राम के नाम का जप। / In the context of chanting, Rama’s name is meant. | मुझे, अर्थात मेरा नाम | me, meaning my name |
भावार्थ
भरत तपस्वी के वेश में हैं, उनका शरीर दुबला है और वे निरंतर मेरा नाम जपते हैं।
Bharata wears an ascetic’s garb, his body is thin, and he constantly chants my name.
देखौं बेगि सो जतनु करु सखा निहोरउँ तोहि॥ ११६ (ख)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखौं | मैं देख सकूँ | I may see |
| बेगि | शीघ्र | soon |
सोटिप्पणी‘सो जतनु’ अर्थात ऐसा उपाय जिससे शीघ्र दर्शन हो। / Such an arrangement as will enable an early meeting. | ऐसा | such |
| जतनु | उपाय | arrangement |
| करु | करो | make |
| सखा | हे मित्र | O friend |
| निहोरउँ | मैं विनती करता हूँ | I entreat |
| तोहि | तुमसे | you |
| ख | पद्य-संदर्भ चिह्न (ख) | verse reference marker (b) |
भावार्थ
हे मित्र, ऐसा उपाय करो कि मैं भरत को शीघ्र देख सकूँ; मैं तुमसे विनती करता हूँ।
Friend, make arrangements so that I may see Bharata soon; I entreat you.
बीतें अवधि जाउँ जौं जिअत न पावउँ बीर।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बीतें | बीत जाने पर | after the passing of |
अवधिटिप्पणीप्रसंग में वनवास की अवधि। / In context, the term of exile. | निर्धारित समय-सीमा | the appointed period |
| जाउँ | मैं जाऊँ | I go |
| जौं | यदि | if |
| जिअत | जीवित | alive |
| न | नहीं | not |
| पावउँ | मैं पाऊँ | I find |
बीरटिप्पणीयहाँ भरत के लिए प्रयुक्त। / Refers here to Bharata. | वीर भाई भरत को | my brave brother Bharata |
भावार्थ
यदि मैं निर्धारित अवधि बीत जाने पर जाऊँ और अपने वीर भाई को जीवित न पाऊँ—
If I go after the appointed period has elapsed and do not find my brave brother alive—
सुमिरत अनुज प्रीति प्रभु पुनि पुनि पुलक सरीर॥ ११६ (ग)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमिरत | स्मरण करते हुए | while remembering |
| अनुज | छोटे भाई भरत का | of his younger brother Bharata |
| प्रीति | प्रेम | love |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| पुनि | फिर | again |
पुनिटिप्पणी‘पुनि पुनि’ मिलकर बार-बार का अर्थ देता है। / The repeated phrase means repeatedly. | फिर | again |
| पुलक | रोमांचित | thrilled with goosebumps |
| सरीर | शरीर | body |
| ग | पद्य-संदर्भ चिह्न (ग) | verse reference marker (c) |
भावार्थ
छोटे भाई भरत का प्रेम स्मरण करते हुए प्रभु राम का शरीर बार-बार रोमांचित हो उठता है।
Remembering his younger brother Bharata’s love, Lord Rama’s body repeatedly thrills with goosebumps.
करेहु कल्प भरि राजु तुम्ह मोहि सुमिरेहु मन माहिं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
करेहुटिप्पणीराज्य करने का निर्देश। / An instruction to rule. | करो | exercise |
| कल्प | एक ब्रह्मांडीय युग | a cosmic aeon |
| भरि | भर, पूरे समय तक | throughout |
| राजु | राज्य-शासन | kingship |
| तुम्ह | तुम | you |
| मोहि | मुझे | me |
| सुमिरेहु | स्मरण करते रहो | keep remembering |
| मन | मन | heart |
| माहिं | में | in |
भावार्थ
तुम एक कल्प भर राज्य करो और मन में मेरा स्मरण करते रहो।
Rule for an entire aeon, and keep remembering me in your heart.
पुनि मम धाम पाइहहु जहाँ संत सब जाहिं॥ ११६ (घ)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| मम | मेरा | my |
| धाम | धाम, निवास | abode |
| पाइहहु | तुम प्राप्त करोगे | you will attain |
| जहाँ | जहाँ | where |
| संत | संत | saints |
| सब | सभी | all |
| जाहिं | जाते हैं | go |
| घ | पद्य-संदर्भ चिह्न (घ) | verse reference marker (d) |
भावार्थ
फिर तुम मेरा धाम प्राप्त करोगे, जहाँ सभी संत जाते हैं।
Then you will attain my abode, where all saints go.