मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
बालकाण्ड दोहा · पृ. 210
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।14 / 14 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ऐसे | such | |
| स्वामी; भगवान | the Lord | |
| दीनों और असहायों के बंधु | friend of the poor and helpless | |
| भगवान हरि, यहाँ राम | Lord Hari, here Rama | |
| कारण; हेतु | cause; motive | |
| से रहित; बिना | without; free from | |
| दयालु | compassionate |
भावार्थ
ऐसे प्रभु हरि दीनों के बंधु हैं और बिना किसी कारण या अपेक्षा के दयालु हैं।
Such is Lord Hari: a friend of the helpless, compassionate without any cause or expectation.
॥ २११॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हे तुलसीदास, कवि का स्वयं को संबोधन | O Tulsidas, the poet addressing himself | |
| हे मूर्ख | O foolish one | |
| उन्हीं प्रभु को | that very Lord | |
| भजन कर; आराधना कर | worship; devote yourself to | |
| छोड़कर | having abandoned | |
| छल; धोखा | deceit; hypocrisy | |
| उलझन; बंधनकारी जाल | entanglement; ensnaring web |
भावार्थ
हे मूर्ख तुलसीदास, कपट का जंजाल छोड़कर उन्हीं प्रभु का भजन कर।
O foolish Tulsidas, abandon the entanglement of deceit and worship that very Lord.