मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
बालकाण्ड 1.102
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिर | again | |
| फिर | again | |
| माता से मिलतीं | embraced her mother | |
| झुक पड़तीं | bowed down | |
| पकड़कर | clasping | |
| माता के चरण | her mother’s feet | |
| अत्यंत गहरा | profound | |
| प्रेम | love | |
| कुछ भी | at all | |
| किया जा सकता | can be | |
| नहीं | not | |
| वर्णन | described |
भावार्थ
उमा बार-बार माता से मिलतीं और उनके चरण पकड़कर झुक पड़तीं। उस अपार प्रेम का कुछ भी वर्णन नहीं किया जा सकता।
Uma repeatedly embraced her mother and bowed down, clasping her feet. That profound love cannot be described at all.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सभी | all | |
| स्त्रियों से | the women | |
| मिलकर | having met | |
| गले लगकर | having embraced | |
| पार्वती | Bhavani, Parvati | |
| जाकर | having gone | |
| माता के | her mother’s | |
| हृदय से | to her breast | |
| फिर | again | |
| लिपट गईं | clung |
भावार्थ
भवानी सभी स्त्रियों से मिलकर और गले लगकर फिर जाकर माता के हृदय से लिपट गईं।
After meeting and embracing all the women, Bhavani went back and clung once more to her mother’s breast.
छंद और दोहा · पृ. 117
जननिहि बहुरि मिलि चली उचित असीस सब काहूँ दईं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
जननिहिटिप्पणी‘जननि’ के साथ ‘हि’ संबंधसूचक प्रत्यय है। ‘हि’ marks the relation here: meeting her mother. | माता से | with her mother |
| बहुरि | फिर | again |
| मिलि | मिलकर | having met |
चलीटिप्पणीस्त्रीलिंग क्रिया पार्वती के लिए है। Feminine verb referring to Parvati. | पार्वती चलीं | Parvati departed |
| उचित | उचित | fitting |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| सब | सभी | everyone |
काहूँटिप्पणी‘सब काहूँ’ यहाँ आशीर्वाद देने वालों को बताता है। Here ‘सब काहूँ’ identifies those giving blessings. | प्रत्येक ने | each person gave |
दईंटिप्पणीस्त्रीलिंग बहुवचन रूप ‘असीस’ से संबद्ध है। Feminine plural form agreeing with ‘असीस’. | दिए | gave |
भावार्थ
AI-निर्मित अर्थ-प्रारूप: माता से फिर मिलकर पार्वती चलीं; सभी ने उन्हें उचित आशीर्वाद दिए।
AI-generated draft meaning: After meeting her mother once more, Parvati departed; everyone gave her fitting blessings.
फिरि फिरि बिलोकति मातु तन तब सखीं लै सिव पहिं गईं॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिरि | मुड़कर | turning back |
फिरिटिप्पणी‘फिरि फिरि’ मिलकर बार-बार मुड़ने का भाव देता है। The repetition conveys repeatedly turning back. | फिर | again |
| बिलोकति | देखती हुई | looking at |
| मातु | माता का | her mother's |
तनटिप्पणी‘मातु तन’ माता के शरीर अथवा उनकी प्रत्यक्ष आकृति को कहता है। Refers to her mother's visible person. | शरीर | person; body |
| तब | तब | then |
| सखीं | सखियाँ | her female companions |
लैटिप्पणीकर्म पार्वती संदर्भ से समझा जाता है। Parvati is the implied object. | उन्हें लेकर | taking her |
| सिव | भगवान शिव | Shiva |
| पहिं | के पास | to; near |
गईंटिप्पणीस्त्रीलिंग बहुवचन क्रिया सखियों के लिए है। Feminine plural verb referring to the companions. | गईं | went |
भावार्थ
पार्वती बार-बार मुड़कर माता के शरीर को देखती रहीं; तब सखियाँ उन्हें लेकर शिव के पास गईं।
Parvati kept turning back to look at her mother; then her companions took her to Shiva.
जाचक सकल संतोषि संकरु उमा सहित भवन चले।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाचक | याचकों को | the petitioners |
| सकल | सभी | all |
| संतोषि | संतुष्ट करके | having satisfied |
संकरुटिप्पणीअंत का ‘उ’ अवधी का कर्तारूप है। Final ‘उ’ is an Awadhi subject-form ending. | शंकर, अर्थात शिव | Shiva |
| उमा | उमा, अर्थात पार्वती | Uma, Parvati |
| सहित | के साथ | with |
| भवन | अपने निवास की ओर | toward his abode |
| चले | चले | departed |
भावार्थ
सभी याचकों को संतुष्ट करके शंकर उमा के साथ अपने निवास की ओर चले।
After satisfying all the petitioners, Shiva departed for his abode with Uma.
सब अमर हरषे सुमन बरषि निसान नभ बाजे भले॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
अमरटिप्पणीशाब्दिक अर्थ ‘अमर’; यहाँ देवताओं का नाम है। Literally ‘immortals’; here, the gods. | देवता | gods |
| हरषे | हर्षित हुए | rejoiced |
| सुमन | फूल | flowers |
| बरषि | बरसाकर | showering |
| निसान | नगाड़े | kettledrums |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| बाजे | बजे | resounded |
| भले | सुंदर; सुहावने | splendid; pleasing |
भावार्थ
सभी देवता हर्षित हुए और फूल बरसाए; आकाश में सुंदर नगाड़े गूँज उठे।
All the gods rejoiced and showered flowers; splendid kettledrums resounded in the sky.
चले संग हिमवंतु तब पहुँचावन अति हेतु।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चले | चले | went |
| संग | साथ | along with them |
हिमवंतुटिप्पणीअंत का ‘उ’ अवधी का कर्तारूप है। Final ‘उ’ is an Awadhi subject-form ending. | हिमवान, पार्वती के पिता | Himavan, Parvati's father |
| तब | तब | then |
| पहुँचावन | विदाई में कुछ दूर पहुँचाने के लिए | to accompany them on their departure |
| अति | अत्यंत | deep; great |
हेतुटिप्पणीयहाँ ‘हेतु’ का भाव प्रेम या स्नेह है। Here ‘हेतु’ conveys love or affection. | स्नेह से | out of affection |
भावार्थ
तब हिमवान अत्यंत स्नेह से उन्हें विदा करने के लिए साथ चले।
Then Himavan accompanied them to see them off, out of deep affection.
बिबिध भाँति परितोषु करि बिदा कीन्ह बृषकेतु॥ १०२॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिबिध | अनेक | various |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
परितोषुटिप्पणी‘परितोषु करि’ का अर्थ संतुष्ट करके है। With ‘करि’, means having satisfied or reassured. | संतोष | satisfaction; reassurance |
| करि | करके | having given |
| बिदा | विदा | farewell |
कीन्हटिप्पणी‘बिदा कीन्ह’ का कर्म हिमवान है। Himavan is the implied object of bidding farewell. | किया | bade; sent off |
बृषकेतुटिप्पणी‘बृष’ = बैल; ‘केतु’ = ध्वज। ‘बृष’ means bull; ‘केतु’ means banner. | वृषभ-ध्वज वाले शिव | Shiva, whose banner bears a bull |
भावार्थ
वृषकेतु शिव ने हिमवान को अनेक प्रकार से संतुष्ट करके विदा किया।
Shiva, whose banner bears a bull, reassured Himavan in various ways and bade him farewell.