मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
अयोध्याकाण्ड 2.292
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।94 / 94 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | Bharata | |
| आकर | having come | |
| आगे | forward | |
| भेंट; मिलना | meeting; reception | |
| कर लिया; स्वागत किया | received them | |
| अवसर के | the occasion | |
| अनुरूप | appropriate to | |
| अच्छे आसन | good seats | |
| दिए | provided |
भावार्थ
भरत आगे आकर उनसे मिले और अवसर के अनुरूप अच्छे आसन दिए।
Bharata came forward to receive them and provided suitable seats for the occasion.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रिय पुत्र | dear son | |
| भरत | Bharata | |
| कहते हैं | says | |
| तिरहुत के | of Tirhut | |
| राजा जनक | King Janaka | |
| तुम्हें | to you | |
| ज्ञात | known | |
| रघुकुल के वीर राम का | of Rama, hero of Raghu’s lineage | |
| स्वभाव | nature |
भावार्थ
तिरहुत के राजा जनक बोले: प्रिय भरत, तुम्हें राम का स्वभाव ज्ञात है।
Janaka, king of Tirhut, said: Dear Bharata, you know Rama’s nature.
दोहा/सोरठा
।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | Rama | |
| सत्य का व्रत निभाने वाले | vowed to truth | |
| धर्म में | in righteousness | |
| रत; समर्पित | devoted | |
| सबका | everyone | |
| का | of | |
| शील; विनम्र व्यवहार | courtesy; gentle conduct | |
| स्नेह | affection |
भावार्थ
राम सत्य के व्रती और धर्म में रत हैं; सबके शील और स्नेह का ध्यान रखते हैं।
Rama is vowed to truth and devoted to righteousness; he is mindful of everyone’s courtesy and affection.
।।292।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कष्ट | hardship | |
| सहते हैं | endures | |
| संकोच; दूसरों का मान रखने का लिहाज | restraint out of regard for others | |
| के वश में | under the sway of | |
| मैं कहूँ | let me speak | |
| यदि | if | |
| आज्ञा; अनुमति | permission | |
| तुम दो | you give |
भावार्थ
इसी संकोच के वश राम कष्ट सहते हैं। यदि तुम अनुमति दो, तो मैं कुछ कहूँ।
Under this restraint, Rama endures hardship. If you give permission, I shall speak.