मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
अयोध्याकाण्ड 2.131
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।101 / 101 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्वर्ग | heaven | |
| नरक | hell | |
| मोक्ष | liberation | |
| एक समान | alike | |
| जहाँ | wherever | |
| वहाँ | there | |
| देखता है | sees | |
| धारण किए हुए | bearing | |
| धनुष | bow | |
| बाण | arrows |
भावार्थ
जिसके लिए स्वर्ग, नरक और मोक्ष समान हैं, और जो जहाँ-तहाँ आपको धनुष-बाण धारण किए देखता है।
One for whom heaven, hell, and liberation are alike, and who sees you everywhere bearing bow and arrows.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कर्म से | in deed | |
| वचन से | in speech | |
| मन से | in thought | |
| आपका | your | |
| सेवक | servant | |
| हे राम | O Rama | |
| कीजिए | please make | |
| उस व्यक्ति | that person | |
| के | of | |
| हृदय में | in the heart | |
| निवास | dwelling |
भावार्थ
जो कर्म, वचन और मन से आपका सेवक है, हे राम, उसके हृदय में अपना डेरा कीजिए।
O Rama, make your dwelling in the heart of one who is your servant in deed, speech, and thought.
दोहा/सोरठा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिसे | who | |
| नहीं | not | |
| चाहिए | desires | |
| कभी | ever | |
| कुछ भी | anything | |
| आप | you | |
| से | for | |
| स्वाभाविक और निष्कपट | natural and unfeigned | |
| प्रेम | love |
भावार्थ
जिसे कभी कुछ नहीं चाहिए और जिसका आपसे स्वाभाविक प्रेम है—
One who never desires anything and has a natural love for you—
।।131।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निवास कीजिए | please dwell | |
| सदा | continually | |
| उसके | that person's | |
| मन में | in the heart | |
| वह | that | |
| आपका | your | |
| अपना | own | |
| घर | home |
भावार्थ
उसके मन में निरंतर निवास कीजिए; वही आपका अपना घर है।
Dwell continually in that person's heart; it is your own home.