मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड दोहा · पृ. 969
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।15 / 15 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहकर; वर्णन करके | having recounted | |
| विराध नामक राक्षस का | of the demon Viradha | |
| वध | slaying | |
| जिस | in which | |
| प्रकार | manner | |
| शरीर | body | |
| त्याग दिया | relinquished | |
| शरभंग मुनि ने | the sage Sharabhanga |
भावार्थ
विराध के वध और जिस प्रकार शरभंग मुनि ने देह त्यागी, उसका वर्णन करके…
Having recounted Viradha’s slaying and how the sage Sharabhanga relinquished his body…
॥ ६५॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| वर्णन करके | having described | |
| सुतीक्ष्ण मुनि की | of the sage Sutikshna | |
| प्रेम; भक्ति-भरी प्रीति | love; loving devotion | |
| फिर | then | |
| प्रभु राम का | of Lord Rama | |
| अगस्त्य मुनि के साथ | with the sage Agastya | |
| संत-संगति; पवित्र संग | holy fellowship |
भावार्थ
फिर सुतीक्ष्ण मुनि की प्रीति और प्रभु राम का अगस्त्य मुनि के साथ सत्संग वर्णित करके…
Then, having described the sage Sutikshna’s love and Lord Rama’s holy fellowship with the sage Agastya…