मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड दोहा · पृ. 945
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।15 / 15 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इसीलिए | therefore | |
| देवताओं के | of the gods | |
| सिरों पर | upon the heads | |
| चढ़ाया जाता है | is placed as an offering | |
| संसार का | of the world | |
| प्रिय | beloved | |
| चंदन | sandalwood |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: इसीलिए संसार का प्रिय चंदन देवताओं के सिरों पर चढ़ाया जाता है।
AI draft: Thus sandalwood, beloved by the world, is offered upon the heads of the gods.
॥ ३७॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आग में | in fire | |
| जलाकर या तपाकर | having burned or heated | |
| पीटते हैं | beat | |
| हथौड़े से | with a hammer | |
| कुल्हाड़ी का | of the axe | |
| मुख या धार वाला भाग | face or cutting edge | |
| यह | this | |
| दंड | punishment |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: कुल्हाड़ी के मुख को आग में तपाना और हथौड़े से पीटना—यह उसका दंड है।
AI draft: Heating the axe’s cutting face in fire and beating it with a hammer—this is its punishment.