मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड दोहा · पृ. 934
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।13 / 13 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिसका | whose | |
| कृपा का; अनुग्रहपूर्ण | gracious; of favor | |
| कटाक्ष; पार्श्व से डाली गई दृष्टि | glance; sidelong look | |
| देवता | the gods | |
| चाहते हैं | desire; seek | |
| देखते हैं; दृष्टि डालते हैं | look toward | |
| नहीं | not | |
| उसी को; उसकी ओर | at that very one; toward her |
भावार्थ
एआई प्रारूप: देवता जिसका कृपापूर्ण कटाक्ष चाहते हैं, राम उसकी ओर भी नहीं देखते।
AI draft: The gods seek her gracious glance, yet Rama does not look toward her.
॥ २४॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भगवान राम के | of Lord Rama | |
| चरण-कमलों में | in the lotus feet | |
| प्रेम; अनुराग | love; devotion | |
| अपने स्वभाव को ही | her own habitual nature itself | |
| खो देती है; त्याग देती है | loses; gives up |
भावार्थ
एआई प्रारूप: वह राम के चरण-कमलों में प्रेम रखकर अपना स्वभाव खो देती है। दिए गए पाठ में प्रेम करने की क्रिया स्पष्ट नहीं है, इसलिए वाक्य-संबंध अनुमानित है।
AI draft: Through love for Rama’s lotus feet, she loses her own habitual nature. The supplied text does not explicitly state the act of loving, so the sentence connection is inferred.