मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड दोहा · पृ. 933
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।15 / 15 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चंद्रमा | the moon | |
| पृथ्वी को | the earth | |
| भर देता है | fills; bathes | |
| किरणों से | with its rays | |
| सूर्य | the sun | |
| तपता है; गर्मी देता है | gives heat | |
| जितना ही | only as much as | |
| आवश्यकता है | is needed |
भावार्थ
चंद्रमा अपनी किरणों से पृथ्वी को भर देता है और सूर्य उतना ही तपता है जितने की आवश्यकता होती है।
The moon bathes the earth in its rays, and the sun gives only as much heat as is needed.
॥ २३॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माँगने पर | when asked for | |
| बादल | the clouds | |
| देते हैं | give | |
| जल; वर्षा का पानी | water; rain | |
| भगवान राम | Lord Rama | |
| के | of | |
| राज्य में; शासनकाल में | in the reign |
भावार्थ
रामचंद्र के राज्य में माँगने पर बादल जल देते हैं।
In Lord Rama’s reign, the clouds give rain when it is asked for.