मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
लङ्काकाण्ड दोहा · पृ. 891
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।12 / 12 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| विनयपूर्ण प्रार्थना | humble prayer | |
| की | offered | |
| चार मुखों वाले ब्रह्मा ने | four-faced Brahma | |
| प्रेम से | with love | |
| रोमांचित | thrilled, with hair standing on end | |
| अत्यंत | exceedingly | |
| शरीर | body |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: चतुर्मुख ब्रह्मा ने विनय की; प्रेम से उनका शरीर अत्यंत रोमांचित था।
AI-draft meaning: Four-faced Brahma offered his humble prayer, his body deeply thrilled with love.
॥ १११॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| शोभा के सागर श्रीराम को | Rama, the ocean of beauty | |
| देखते हुए | while gazing upon | |
| नेत्र | eyes | |
| नहीं | not | |
| तृप्त होते | have their fill |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: शोभा के सागर श्रीराम को देखते हुए ब्रह्मा के नेत्र तृप्त नहीं होते।
AI-draft meaning: Gazing upon Rama, the ocean of beauty, Brahma’s eyes never have their fill.