मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
लङ्काकाण्ड दोहा · पृ. 889
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।18 / 18 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करके | having made | |
| विनती | supplication | |
| देवता | gods | |
| सिद्ध पुरुष | spiritually perfected beings | |
| सभी | all | |
| बने रहे | remained | |
| जहाँ | where | |
| वहीं | there | |
| हाथ | hands | |
| जोड़कर | having folded |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: विनती करके सभी देवता और सिद्ध जहाँ थे, वहीं हाथ जोड़े रहे।
AI draft: Having offered their supplications, all the gods and perfected beings remained where they were, with folded hands.
॥ ११०॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अत्यंत | exceedingly | |
| प्रेम सहित | with love | |
| शरीर | body | |
| रोमांचित होकर | thrilled, with hair standing on end | |
| ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता | Brahma, the creator | |
| स्तुति | praise | |
| करने लगे | began offering | |
| फिर | again |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: अत्यंत प्रेम से, शरीर रोमांचित हुए, ब्रह्मा फिर स्तुति करने लगे।
AI draft: Filled with deep love and with his body thrilled, Brahma began offering praise once again.