मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
किष्किन्धाकाण्ड 4.23
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।135 / 135 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
पृष्ठ 3 / 3
चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यद्यपि | although | |
| प्रभु राम | Lord Rama | |
| जानते हैं | knows | |
| सभी | all | |
| बातें | matters | |
| राजकार्य की नीति | principles of statecraft | |
| पालन करते हैं | observes | |
| देवताओं के रक्षक राम | Rama, protector of the gods |
भावार्थ
यद्यपि प्रभु सभी बातें जानते हैं, फिर भी देवताओं के रक्षक राम राजकार्य की नीति का पालन करते हैं।
Although the Lord knows everything, Rama, protector of the gods, still observes the principles of statecraft.
दोहा/सोरठा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| वे चले | they went on | |
| सभी | all of them | |
| वन | forests | |
| खोजते हुए | searching | |
| नदियाँ | rivers | |
| सरोवर | lakes | |
| पहाड़ | mountains | |
| गुफाएँ; कंदराएँ | caves |
भावार्थ
वे सभी वन, नदियाँ, सरोवर, पहाड़ और गुफाएँ खोजते हुए चले।
They all went on, searching forests, rivers, lakes, mountains, and caves.
।।23।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम के | Rama’s | |
| कार्य में | in the task | |
| पूरी तरह तल्लीन | wholly absorbed | |
| मन | their minds | |
| भूल गया | was forgotten | |
| शरीर | the body | |
| का | for; of | |
| मोह; ममता | attachment; fond concern |
भावार्थ
उनके मन राम के कार्य में पूरी तरह तल्लीन थे; उन्हें अपने शरीर का मोह भी भूल गया।
Their minds were wholly absorbed in Rama’s task; they forgot even their attachment to their own bodies.