मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
अयोध्याकाण्ड 2.2
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।86 / 86 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| क्या | what | |
| मैं करूँ | should I do | |
| हे सखी | friend | |
| सीधा; सरल | simple; straightforward | |
| स्वभाव | nature | |
| अनुकूल; हितकारी | favorable; beneficial | |
| प्रतिकूल; अहितकारी | unfavorable; harmful | |
| नहीं | not | |
| मैं जानती हूँ | I know | |
| कुछ भी | anything at all |
भावार्थ
‘सखी, क्या करूँ? मेरा स्वभाव सीधा है; मैं हित और अहित कुछ भी नहीं समझती।’
“Friend, what can I do? I am simple by nature; I understand neither what favors me nor what harms me.”
दोहा/सोरठा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अपने | my own | |
| आचरण से | through conduct | |
| नहीं | not | |
| आज | today | |
| तक | until | |
| अहित; बुरा | harm | |
| किसी का | to anyone | |
| किया | done |
भावार्थ
‘अपने आचरण से आज तक मैंने किसी का बुरा नहीं किया।’
“In my conduct, I have never harmed anyone to this day.”
।।20।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| किस | for what | |
| पाप के कारण | sin | |
| एक ही | a single; just one | |
| बार में | occasion; at once | |
| मुझे | to me | |
| दैव ने; भाग्य ने | fate | |
| असहनीय | unbearable | |
| दुःख | sorrow | |
| दिया | gave |
भावार्थ
‘किस पाप के कारण दैव ने मुझे एक ही बार में असहनीय दुःख दे दिया?’
“For what sin has fate given me unbearable sorrow all at once?”